स्नेहालय (Gwalior) - Home for Children of different abilities के लिए एक गीत प्रस्तुत है -
फूलों की यह प्यारी प्यारी
न्यारी न्यारी फुलवारी ।
आज मिले हम सभी यहां पर
सुगंध है इनकी मतवारी ।
भाव भंगिमा से मन मोहें
पल में रोना, पल में हंसना ।
मधुर, मनोहर, मीठी बातें
तुतला कर दिल सबका हरना ।
कभी मट्कना, कभी झगड़ना
बात बात में जिद पर अड़ना ।
भोली भाली सूरत सीरत
विद्वेष भाव न मन में रखना ।
प्यार करें हम इनके जैसा
स्वर्ग बने तब वसुधा अपनी ।
प्रभु की छवि बसती है इनमें
ऐसी ही हो दुनिया अपनी ।
पावन, निर्मल, उज्ज्वल मन हैं
सब लोकों से दुनिया न्यारी ।
हंसते और हंसाते सबको
सुगंध है इनकी मतवारी ।
No comments:
Post a Comment